दर्पण

कहानी ज़िंदगी की शुरू हुई है अभी,
लड़ना मुश्किलों से ताउम्र बाकी है।
अभी तो कठिनाइयों के तालाब देखे हैं,
समुंदरों में तो अभी भी उतरना बाकी है।

— तुषार शर्मा

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