*वसुधैव कुटुंबकम्

*************** ©12.08.26 *वसुधैव कुटुंबकम्* अमेरिका,इंग्लैंड,कनाडा से, चल रहा दिनभर वार्ताक्रम। यही है वसुधैव कुटुंबकम्.. भारत में होते हैं ऑपरेशन, विदेशी […]

वसुधैव कुटुंबकम्*

।।वसुधैव कुटुंबकम्।। अमेरिका, इंग्लैंड, कनाडा से, चल रहा दिनभर वार्ताक्रम। यही है वसुधैव कुटुंबकम्।। भारत में होते हैं ऑपरेशन, विदेशी

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दर्पण

कहानी ज़िंदगी की शुरू हुई है अभी,लड़ना मुश्किलों से ताउम्र बाकी है।अभी तो कठिनाइयों के तालाब देखे हैं,समुंदरों में तो

वन्दे शारदां।

वन्दे शारदां। कमलासनीं, पदमासनीं, जगत सुव्यापनीं, हंस वाहिनीं! शारदां।। कर वीणा पुस्तक धारणीं अंधकार अज्ञान संहारिणीं स्वामिनीं! शुभ स्वर स्वामिनीं

दर्पण

कहानी ज़िंदगी की शुरू हुई है अभी, लड़ना मुश्किलों से ताउम्र बाकी है। अभी तो कठिनाइयों के तालाब देखे हैं,

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